जीशान ने अपने को साबित किया
आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल रहे लेग स्पिनर जीशान अंसारी का कहना है कि वह शेन वॉर्न, अनिल कुंबले और पीयूष चावला जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में डेब्यू किया था। उन्हें एडम जंपा की जगह टीम में शामिल किया गया है। जीशान को काव्य मारन की सनराइजर्स ने मेगा ऑक्शन में 40 लाख रुपये में खरीदा गया था। जीशान ने अपने पहले ही मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ फाफ डुप्लेसिस, जेक फ्रेजर मैकगर्क और केएल राहुल जैसे दिग्गजों को आउट कर सबको हैरान दिया। जीशान ने भारतीय अंडर टीम से भी खेला है। यूपी टी20 लीग में अपनी शानदार लेग स्पिन गेंदबाजी से उन्होंने प्रभावित किया था। इस गेंदबाज ने मेरठ मावेरिक्स के लिए खेलते हुए टूर्नामेंट में 24 विकेट लिए थे। इसी कारण आईपीएल में भी उन्हें अवसर मिला है। जीशान के पिता दर्जी हैं और उन्होंने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत की। जीशान, शेन वॉर्न को अपना आदर्श मानते हैं और मुथैया मुरलीधरन से गेंदबाजी के गुर सीख रहे हैं। एसआरएच ने उन्हें मेगा ऑक्शन में 40 लाख रुपये में खरीदा था।
जीशान को दिल्ली कैपिटल्स की टीम में अचानक शामिल किया गया था। पैट कमिंस के इस फैसले पर कई सवाल उठे। जीशान अंसारी एक अनजान खिलाड़ी थे। लेकिन जीशान ने अपने कप्तान के भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने शानदार गेंदबाजी की और कई बड़े खिलाड़ियों को आउट किया। जीशान ने उत्तर प्रदेश के लिए 5 फर्स्ट-क्लास मैचों में भी 17 विकेट लिए हैं। इस क्रिकेटर ने कहा था, ‘ मैंने शेन वॉर्न, अनिल कुंबले और पीयूष चावला जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा ली. और उनकी गेंदबाजी को गहराई से अध्ययन किया। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैंने इस लीग में पीयूष चावला के साथ खेला। जीशान एक साधारण परिवार से हैं और उनके पिता दर्जी का काम करते हैं।

अफगानिस्तान में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप, कश्मीर में भी लगे झटके
भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप: समुद्र मंथन की कथा और एकादशी व्रत का महत्व
सफलता का मंत्र: पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से आती है वैचारिक स्पष्टता और ऊर्जा
विज्ञान के परे विश्वास: पानी में नहीं डूबता यह भारी पत्थर, श्रद्धालु मानते हैं साक्षात चमत्कार
अक्षय तृतीया आज: खरीदारी का महामुहूर्त, जानें पूजा विधि और महत्व
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी