अमेरिका-इजराइल ने स्कूलों और अस्पतालों को जानबूझकर निशाना बनाया
जेनेवा। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरवनी ने दावा किया है कि 28 फरवरी से ईरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों में अब तक 1,332 आम लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इरवानी ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उनके मुताबिक इन हमलों में हजारों लोग घायल हुए हैं और घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलों के दौरान स्कूलों, अस्पतालों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन हमलों ने आम नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाया है और कई क्षेत्रों में मानवीय स्थिति गंभीर है।
मीडिया रिपोर्ट में इरवानी के मुताबिक हाल ही में ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 150 से ज्यादा छात्राओं की मौत हो गई। इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। हालांकि अमेरिका ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी भी नागरिक ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले के मामले में जांच की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर इजराइल ने भी ईरान पर अपने नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से हालात और जटिल होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते हमलों और बढ़ती जनहानि के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक संस्थाएं क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाली के प्रयासों पर जोर दे रही हैं।

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