एकदिवसीय क्रिकेट प्रारुप का अभिष्य नहीं : मोईन अली
लंदन । इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोईन अली ने कहा है कि एकदिवसीय क्रिकेट प्रारुप भविष्य नहीं है। मोइन ने कहा कि इसका कारण बल्लेबाजों के पक्ष में नियमों का होना है। जिससे गेंदबाजों के लिए इस प्रारुप में कुछ नहीं बचा है। साथ ही कहा कि इसी कारण आजकल टी20 लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले साल संन्यास लेने वाले मोईन ने इंग्लैंड की ओर से 138 एकदिवसीय मैचों में 2,355 रन बनाने के अलावा 111 विकेट भी लिए हैं। वहीं 68 टेस्ट मैच में उन्होंने 3000 से अधिक रन बनाए हैं और 200 से अधिक विकेट लिए हैं। वह आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलेंगे। मोईन ने कहा, ‘‘विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी को छोड़कर एकदिवसीय प्रारूप लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। यह खेलने के लिए सबसे खराब प्रारूप है और मुझे लगता है कि इसके कई कारण हैं। ’’ पहले के समय में पहले पावरप्ले के बाद सर्कल के बाहर पांच क्षेत्ररक्षक हुआ करते थे पर पिछले कुछ साल में यह संख्या चार हो गई है जिससे बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करना आसान हो गया है। इतना ही नहीं दो नई गेंदों का इस्तेमाल किया जाता है जो पहले नहीं होता था जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना अब बहुत आसान हो गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि नियम बहुत खराब हैं। पहले पावरप्ले के बाद अतिरिक्त क्षेत्ररक्षक रखना, मुझे लगता है कि विकेट लेने और किसी भी तरह का दबाव बनाने के लिए यह एक खराब नियम है। इसी वजह से अब खिलाड़ी एकदिवसीय क्रिकेट में 60 और 70 का औसत बना रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आप किसी को गेंदबाजी कर रहे होते हैं और आप थोड़ा दबाव डालते हैं तो बल्लेबाज बस रिवर्स-स्वीप करता है और यह एक रन नहीं बल्कि यह चौका होता है। हमेशा बल्लेबाजों के लिए रन बनाने का विकल्प उपलब्ध रहता है।’’ मोईन ने कहा कि जिस प्रकार से फ्रेंचाइजी क्रिकेट मोटी रकम देकर लुभा रहा है उससे अधिक से अधिक खिलाड़ी अब संन्यास लेकर इस प्रारुप में खेलते दिखेंगे।

सफलता का मंत्र: पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से आती है वैचारिक स्पष्टता और ऊर्जा
विज्ञान के परे विश्वास: पानी में नहीं डूबता यह भारी पत्थर, श्रद्धालु मानते हैं साक्षात चमत्कार
अक्षय तृतीया आज: खरीदारी का महामुहूर्त, जानें पूजा विधि और महत्व
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार