प्रतिभाओं की खोज में महारथी है मुम्बई इंडियंस
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अपने पहले ही मैचों में जिस प्रकार मुम्बई इंडियंस के दो खिलाड़ियों विग्नेश पुथूर और अश्वनी कुमार ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। उससे एक बात तो साफ है कि मुम्बई इंडियंस टीम को नई प्रतिभाओं की खोज में महारथ हासिल है। वह एक से बढ़कर एक खिलाड़ी ले आते हैं। उसने आईपीएल के अपने पहले ही मैच में केरल के उभरते हुए गेंदबाज विग्नेश पुथूर को शामिल किया था। विग्नेश ने चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के खिलाफ हुए उस मैच में जबरदस्त गेंदबाजी कर सभी को प्रभावित किया था। यहां तक सीएसके के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने भी उनकी प्रशंसा की थी। वहीं इसके बाद पंजाब के एक छोटे से शहर के अश्वनी कुमार ने डेब्यू मैच में चार विकेट लेकर रिकार्ड बना दिया। ये इसलिए संभव हो रहा है क्योंकि मुंबई देशभर से प्रतिभाओं को खोजकर ला रही है। 24 साल के विग्नेश केरल के मलप्पुरम से हैं। उनके पिता सुनील कुमार एक ऑटो ड्राइवर हैं। विग्नेश को 30 लाख रुपये के बेस प्राइस में खरीदा गया था। बाएं हाथ के स्पिनर होने के साथ-साथ ही वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी भी करते हैं।
वहीं अश्वनी कुमार को पंजाब के मोहाली के पास एक छोटे से गांव से लिया गया है। अश्वनी ने डेब्यू मैच में ही चार विकेट लेकर इतिहास रच दिया है। उन्हें भी 30 लाख रुपये में खरीदा गया था।
इसके अलावा आजकल टीम की कप्तानी कर रहे हार्दिक पंड्या के अलावा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, क्रुणाल पंड्या भी मुम्बई की ही खोज हैं। इसके बाद से ही इन खिलाड़ियों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वहीं तिलक वर्मा, नेहल वढ़ेरा, नमन धीर, आकाश मधवाल जैसे खिलाड़ी भी इसी कड़ी का हिस्सा है। इस प्रकार देखा जाये तो हर सत्र में टीम के लिए नये खिलाड़ी निकले हैं। कुछ यूजर्स ने तो यहां तक कह दिया कि मुंबई के स्काउट्स तो गूगल सर्च से भी बेहतर हैं!

भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप: समुद्र मंथन की कथा और एकादशी व्रत का महत्व
सफलता का मंत्र: पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से आती है वैचारिक स्पष्टता और ऊर्जा
विज्ञान के परे विश्वास: पानी में नहीं डूबता यह भारी पत्थर, श्रद्धालु मानते हैं साक्षात चमत्कार
अक्षय तृतीया आज: खरीदारी का महामुहूर्त, जानें पूजा विधि और महत्व
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े