ITBP की बस सिंध नदी में गिरी, भारी बारिश में हथियार लापता
गंदेरबल: जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिले में बुधवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की बस सिंध नदी में गिर गयी. गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस में कोई जवान मौजूद नहीं था. चालक को मामूली चोट आयी है. उसका इलाज कराया जा रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, जो बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है वह बुधवार तड़के आईटीबीपी के जवानों को लेने जा रही थी. कुल्लन पुल के पास बस सड़क से फिसलकर नदी में गिर गई. हादसे के समय बस में कोई भी जवान सवार नहीं था. चालक को मामूली चोटें आई हैं. उसे अस्पताल ले जाया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
देरबल पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, "सुबह के समय, गंदेरबल के रेजिन कुल्लान में, आईटीबीपी के जवानों को ले जाने के लिए निर्धारित एक खाली बस, एक मोड़ पर पहुंचते समय सिंध नदी में फिसल गई. चालक को मामूली चोटें आईं और उसकी हालत स्थिर है."
दुर्घटना के बाद, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) गंदेरबल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया. वाहन को निकालने और इलाके को सुरक्षित करने के प्रयास जारी हैं.
अधिकारियों ने बताया कि बस में हथियार ले जाए जा रहे थे. बस के नदी में गिरने के बाद कुछ हथियार गायब हो गए. बस में कितने हथियार थे, इस बारे में आधिकारिक सूचना नहीं दी गयी है. अधिकारियों ने बताया कि अब तक नदी से तीन हथियार बरामद किए गए हैं. हथियारों की तलाश की जा रही है.
दुर्घटना का सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है. लेकिन, अधिकारियों ने बताया है कि यह हादसा मूसलाधार बारिश के कारण हुई. बारिश के कारण फिसलन की स्थिति बन गयी है. ऑपरेशन अभी भी जारी है.

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 4 लेन सीसी सड़क निर्माणकार्य का भूमि-पूजन
पुष्पा ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं
खिवनी अभयारण्य बनेगा वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म का आदर्श मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूर्ण कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
वोटिंग में जनता का विश्वास: बंगाल में 91.40%, तमिलनाडु में सर्वाधिक मतदान
साकेत भवन में कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय ने लगाया विशेष स्वास्थ्य जागरूकता व जांच शिविर
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर
मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी लक्ष्य 78 से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हुआ
माताओं-बहनों को सर्वोपरि रखने की है हमारी संस्कृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव