आयुष्मान योजना से बाहर अस्पतालों के लिए सरकार का बड़ा फैसला
भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने NABH सर्टिफिकेट लेने के लिए 6 महीने का और समय दिया है. अब आयुष्मान से बाहर हुए अस्पतालों में मरीजों का इलाज पहले की तरह आयुष्मान कार्ड से इलाज हो सकेगा. स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर अस्पतालों को एंट्री लेवल और फुल NABH सर्टिफिकेट लेना होगा.
विस्तार न्यूज की खबर पर फैसला
दरअसल, प्रदेश के 126 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद आयुष्मान कार्ड धारकों को इन अस्पतालों में इलाज की सेवा नहीं मिल रही थी, जिस वजह से वे परेशान थे. विस्तार न्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था. ‘द एडिटर शो’ में पीड़ितों के दुख दर्द को दिखाया. इसके बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए NABH सर्टिफिकेट लेने की अवधि बढ़ा दी है.
CM मोहन यादव ने क्या कहा?
इस बारे में सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने आयुष्मान योजना से बाहर हुए अस्पतालों के लिए बड़ा निर्णय लिया है. हमारे अस्पतालों के पास NABH नहीं है तो क्या हुआ, अस्पताल आयुष्मान कार्ड से मरीजों का सेवा करते रहेंगे. NABH सर्टिफिकेट लेने सरकार ने अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है. उन्होंने आगे कहा कि जिस अस्पताल में जहां भी चिकित्सक बैठे हैं, वह मरीजों की मदद ही तो कर रहे हैं. उन्हें मरीजों का सेवा करने दिया जाए.
क्या है पूरा मामला?
एमपी के 126 अस्पतालों के पास NABH सर्टिफिकेट ना होने पर उन्हें आयुष्मान योजना से हटा दिया था. नोटिस देकर इस बारे में जानकारी भी दी गई थी. इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 398 अस्पतालों में से 126 अस्पताल हैं. NABH यानी National Accreditation Board For Hospitals And Healthcare Providers, अस्पतालों को ये सर्टिफिकेट गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रमाण के लिए दिया जाता है.

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