आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 405 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार
रायगढ़ : कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. सी.एस. गौराहा के मार्गदर्शन में विकासखंड पुसौर के दूरस्थ ग्रामों में आयुर्वेद चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. अजय नायक के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें उचित परामर्श और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। इन शिविरों में कुल 405 रोगियों का उपचार किया गया।
शिविर में डॉ. जागृति पटेल द्वारा जोड़ों के दर्द, अस्थि-संधि विकार, वृद्धजन स्वास्थ्य समस्याएं, जीवनशैली जनित रोग, आहार-विहार, योगासन, स्वच्छता एवं नशामुक्ति जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, आवश्यकतानुसार पंपलेट वितरित कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
मार्च माह के दौरान कठली, टपरदा, सिंगपुरी, चंघोरी, परसापाली, बराडोली, कोलता पारा, स्कूल पारा एवं बुनगा जैसे गांवों में शिविर लगाए गए। बुनगा में विशेष रूप से जीवनशैली में सुधार, औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग, घरेलू उपचार, शालेय स्वास्थ्य परीक्षण, बीपी एवं शुगर जांच, सियान जतन तथा दैनिक योगाभ्यास जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविरों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल में बुनगा सरपंच बेदप्रकाश साव का सराहनीय सहयोग रहा। साथ ही फार्मासिस्ट भोज मालाकार, श्रीमती वर्षा ठेठवार, राजेश साव एवं योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक ने सक्रिय भूमिका निभाई।

नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
फॉरेस्ट ग्राउंड में बना बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रहा
माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव