शर्मनाक : बिन ब्याही मां बनी 12 साल की बच्ची, दो साल तक दुष्कर्म कर रहे थे आरोपी, पुलिस ने पकड़ा तो हुआ खुलासा
Bilaspur: बिलासपुर जिले से हैरान करने वाला मामले सामने आया है. जहां दो मनचलों की करतूत के कारण एक 12 साल की बच्ची 16 महीने के बच्चे की मां बन गई है. बिन ब्याही मां..! अभी उस मासूम की उम्र ही बच्चों जैसी है, और उस पर भी दुष्कर्म के दरिंदो का पाप उसे साथ लेकर घूमना पड़ रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों मनचले ने उस बच्ची के साथ 2 साल दुष्कर्म किया. उसे मां बनाया और हैरान परेशान हालत में महाराष्ट्र में छोड़ दिया. बिलासपुर की पुलिस को जब इस बात की सूचना मिली तब वे महाराष्ट्र में उसे जगह पर पहुंचे. जहां 12 साल की मासूम और उसके 16 महीने का बच्चा सड़क पर घूमते फिरते मिले. सिविल लाइन थाना की पुलिस में इस घटना में शामिल दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है और इसके बाद जो कहानी सामने आई है वह बेहद हैरान कर देने वाली है.
बिन ब्याही मां बनी 12 साल की बच्ची, दो साल तक दुष्कर्म कर रहे थे आरोपी
बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक 12 साल की बच्ची अपने घर में रह रही होती है. इसी दौरान दो आरोपी संजू मनहर और कृष्णा मनहर उसके घर आते हैं. घर पर वह अकेली है तो उसका अपहरण कर लेते हैं. उसे बिलासपुर से महाराष्ट्र, कश्मीर, ऊटी, गोवा घूमते हैं और 12 साल की उम्र में ही दोनों उसके साथ दुष्कर्म करते हैं. यह घटना लगातार 2 साल तक होती है. इस बीच घर से गायब हुई बच्ची के पिता बदहवास बेटी को इधर-उधर ढूंढते रहते हैं लेकिन कहीं पता चल नहीं पता है. वे पुलिस को इसकी सूचना देते हैं जिसके बाद मामले की पातासजी जी शुरू होती है.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना में शामिल आरोपी कृष्ण और संजू मनहर के मोबाइल को पुलिस ट्रेंस करती है. पता चलता है कि दोनों भी महाराष्ट्र में छुपे हुए हैं. पुलिस बिलासपुर से हजार किलोमीटर दूर महाराष्ट्र पहुंचती है और वहां सबसे पहले कृष्ण मनहर को पड़ती है जिसके बाद पूछताछ में सामने आता है कि संजू भी आसपास मौजूद है पुलिस गिरफ्तार कर लेती है.
इसके बाद उस मासूम को बिलासपुर लाया जाता है जो पिछले 2 साल से अपने मां-बाप से दूर खुद एक मां बन चुकी होती है. 16 महीने का बच्चा गोद में लिए हुआ बिलासपुर आती है तो उसके माता-पिता हैरान हो जाते हैं. बिलासपुर में आज भी वह 25 16 महीने के बच्चों का लालन-पालन कर रही है और घटना में शामिल दोनों दरिंदों को पुलिस ने जेल भेज दिया है.
अच्छी बात यह है इस केस को निपटने वाले सिविल लाइन थाने की विवेचक रजनेश सिंह ने इस केस को निपटने के लिए पुरस्कार से नवाजा है, लेकिन एक सवाल अब समाज के सामने की आखिर उस मासूम बच्चे और उसकी मासूम मां का ख्याल कौन रखेगा? सामाजिक मासूम को किस निगाह से दिखेगा और क्या आगे सामाजिक तौर पर उसे बच्ची को इंसाफ मिल पाएगा सवाल खड़ा है और जवाब में पुलिस कहती है हमने अपना काम कर दिया है अब समाज को अपना काम करना है अपनी भूमिका निभानी है. इस केस को निपटान वाले विष्णु साहू को SSP रजनेश सिंह ने पुरस्कृत किया है.

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