खंडवा में ममलेश्वर लोक का विरोध, 3 दिनों तक ओंकारेश्वर बंद का आह्वान, दुकानों पर लटके ताले
खंडवा: ममलेश्वर लोक के विरोध में लोगों ने 3 दिनों तक ओंकारेश्वर बंद का आह्वान किया है. इसको लेकर पहले दिन सोमवार को ओंकारेश्वर बाजार पूरी तरह बंद रहा. शहर की प्रमुख सड़कें सूनी नजर आईं और सुबह से ही किसी भी व्यापारी ने अपनी दुकान नहीं खोली. बाजार, प्रतिष्ठान, बड़ी दुकानें, छोटे ठेले, सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा. स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा सामूहिक रूप से बुलाए गए इस बंद का व्यापक असर देखने को मिला. नाव का संचालन भी नहीं हुआ, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी भी हुई.
दुकानों पर लटके दिखे ताला
सोमवार सुबह 8 बजे से ही ओंकारेश्वर में बंद का असर दिखने लगा. ममलेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग से लेकर मुख्य बाजार तक दुकानों पर ताले लटके हुए दिखाई दिए. बाजार में कुछ स्थानों पर स्थानीय लोग समूह बनाकर खड़े रहे और स्वयं ही बंद का पालन करवाते नजर आए. लोगों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट सुनवाई नहीं होती, तब तक वे दुकानें नहीं खोलेंगे. इसी बीच प्रशासन की ओर से तहसीलदार, नगर परिषद के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर बंद समाप्त करने की अपील की. इसके बावजूद बंद के निर्णय पर लोग अडिग रहे.
जन्मभूमि छोड़ने को तैयार नहीं लोग
प्रदर्शन करने पहुंची रोशनी गोस्वामी का कहना है कि "ब्रह्मपुरी को तोड़कर ममलेश्वर लोक बनाया जा रहा है. यह हमारी जन्मभूमि है. इसे हम छोड़कर जाने वाले नहीं है." इसके साथ ही अन्य महिलाओं ने भी नारेबाजी करते हुए कहा कि हम यही रहेंगे, कहीं जाने वाले नहीं है. मर जाएंगे, लेकिन हम, हमारे बच्चों को लेकर कहीं नहीं जाएंगे.
श्रद्धालु को हुई परेशानी
बंद के कारण बाहर से आए श्रद्धालुओं को भी असुविधा हुई, क्योंकि ओंकारेश्वर एक प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं. श्रद्धालु बाजार बंद होने के कारण परेशान नजर आए.
ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने सरकार पर किया तीखा प्रहार
ग्रामीण जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र के परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए और कहा, "भाजपा सरकार सभी के साथ यहां अन्याय कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आज ओंकारेश्वर ब्रह्मपुरी का सवाल नहीं, पूरे ओंकारेश्वर का मास्टर प्लान इन्होंने बना रखा है. पार्षदों को बुलाकर जगह दिलाने की बात सांसद, विधायक कहते हैं, लेकिन आप एकजुट होकर रहें, हम आपके साथ हैं."

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