सागर में निकली जादूई बावड़ी!, चमत्कारी जल से बीमारियां ठीक होने का दावा, नहाने को उमड़ रही भीड़
सागर: यूपी-एमपी की सीमा से सटे सागर के उत्तर वन मंडल के जंगल में एक रहस्यमई जल स्त्रोत का पता चला है. इसकी जानकारी लगते ही आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है. इस जलस्त्रोत (झिरिया) की जानकारी एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा दी गई. उसका कहना है कि इस झिरिया के पानी से नहाने पर फोड़े-फुंसी सहित स्किन की कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं. उसने खुद के साथ ऐसा होने का दावा भी किया. इसके बाद से इस पानी को चमत्कारिक मानकर लोग स्नान करने के लिए पहुंचने लगे. एमपी के साथ यूपी से भी रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
सागर के उत्तर वन मंडल की मालथौन रेंज की नौनिया और सेसई बीट के जंगल से गुजरते समय सेसई निवासी पहलवान पटेल नाम के व्यक्ति को एक पत्थर नजर आया. उसने कौतूहलवश उस पत्थर को हटाया, तो उसे दो-तीन सीढ़ियां दिखाई दीं और एक झिरिया नजर आई. जब उसने उस स्थान को साफ किया तो और सीढ़ियां नजर आई.
फिर पहलवान पटेल ने आसपास खुदाई कि तो वहां करीब 9 सीढ़ियां दिखाई पड़ीं और करीब 15 फीट की गहराई में पानी नजर आया. पहलवान को ये सब एक चमत्कार लगा और उसने पानी से अपने हाथ-पैर धुल लिए. पहलवान पटेल के अनुसार, "उसके हाथ में एक फोड़ा था जो इस पानी से हाथ धुलने के बाद बिल्कुल ठीक हो गया."
कई लोगों ने इस पानी से बीमारी ठीक होने का किया दावा
पहलवान पटेल अपने साथ हुए कथित चमत्कार का जिक्र हर जगह करने लगा. देखते ही देखते ये बात आसपास के क्षेत्र में फैल गई. खबर सुन बरोदिया कलां निवासी छोटू पठान नामक युवक उस झिरिया के पास पहुंचा और उसने उस पानी से स्नान किया. छोटू पठान के अनुसार, "उसके हाथ-पैर जाम जैसे हो गए थे. कामकाज करने में दिक्कत होती थी, लेकिन रहस्यमई झिरिया के पानी से नहाने के बाद से उसको आराम है."
वहीं, सेसई गांव निवासी रोहित लोधी की आंख के पास एक गांठ थी, जिसकी वजह से उसे देखने में बहुत दिक्कत होती थी. जब उसने इस झिरिया के चमत्कार के बारे में सुना तो वो भी स्नान करने पहुंच गया. रोहित लोधी का दावा है कि यहां स्नान करने के बाद से ही उसको आराम है.
चमत्कार मान पहुंच रहे सैकड़ों लोग
इस तरह के कई दावों के बाद आसपास के लोग इस रहस्यमई झिरिया में नहाने पहुंच रहे हैं. स्थान उत्तर प्रदेश से सटा होने के कारण वहां के लोग भी भारी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं. लोग झिरिया में स्नान कर रहे हैं, उस पानी को पी रहे हैं और चमत्कारिक जल मानकर घर भी ले जा रहे हैं. इस झिरिया के पास पूजा-पाठ भी शुरू हो गया है. लोगों की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. सभी की सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ रहा है.

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