धार्मिक अनुभव और सुविधा का मेल: मां शारदा धाम में VIP दर्शन शुरू, 1100 रुपये की फीस पर श्रद्धालु बंटे – कुछ खुश तो कुछ नाराज
मैहर। शारदेय नवरात्र पर्व पर मां शारदा धाम में इस बार प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने नई पहल की है। यहां श्रद्धालुओं के लिए 1100 रुपये शुल्क वाला वीआईपी दर्शन पास शुरू किया गया है। इस पास के जरिए भक्तों को बिना कतार में लगे त्वरित दर्शन की सुविधा मिलेगी। इस विशेष पास के तहत श्रद्धालुओं को केवल जल्दी दर्शन ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रसाद, चुनरी, मां शारदा का विशेष सिक्का और एक गाइड की भी सुविधा दी जा रही है। प्रबंधन समिति का कहना है कि इसका उद्देश्य दर्शन दलालों पर रोक लगाना और श्रद्धालुओं को एक पारदर्शी और व्यवस्थित सेवा उपलब्ध कराना है।
कितने श्रद्धालु ले चुके हैं लाभ
मंदिर प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 81 श्रद्धालु इस नई सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। बाहर से आने वाले भक्त इस सुविधा को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं।
स्थानीय श्रद्धालुओं की नाराजगी
हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी सामने आई है। उनका कहना है कि इससे अमीर और गरीब श्रद्धालुओं के बीच भेदभाव साफ दिखाई देता है। जो भक्त घंटों लंबी कतार में खड़े रहते हैं, उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ेगा, जबकि पैसे वाले लोग तुरंत दर्शन कर लेंगे। स्थानीय लोगों की राय है कि धार्मिक आस्था में समानता होनी चाहिए और किसी भी रूप में आर्थिक स्थिति को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर विवाद
यह विषय सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग नाराजगी जताते हुए लिख रहे हैं कि मां शारदा धाम में पैसों के आधार पर अलग व्यवस्था भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
प्रबंधन समिति का पक्ष
मंदिर कर्मचारी राजेश सिंगरौल का कहना है कि नवरात्र के समय लाखों श्रद्धालु मैहर पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। वीआईपी पास पूरी तरह पारदर्शी है और इच्छुक श्रद्धालु इसे ले सकते हैं।
आगे क्या?
हर साल नवरात्र पर देशभर से लाखों श्रद्धालु मां शारदा धाम पहुंचते हैं। ऐसे में यह व्यवस्था भीड़ प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को कितना आसान बनाती है, और स्थानीय नाराजगी को कैसे शांत किया जाता है, यह आने वाले दिनों में तय होगा।

त्रिकोणीय शिवलिंग का चमत्कार: जानिए केदारनाथ और महाभारत का संबंध
हारे का सहारा बाबा श्याम, दक्षिण का ये धाम क्यों है इतना खास?
शनि की वक्री चाल: इन 3 राशियों के लिए खुशियों की शुरुआत
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन