शु तस्करों का शिकार बने छात्र के घर पर MLA को जनता ने घेरा, लगाए ‘वापस जाओ’ के नारे”
गोरखपुर: यूपी की सीएम सिटी गोरखपुर के महुआचापी गांव में बीते दिनों 19 वर्षीय होनहार छात्र की गो तस्करों द्वारा हत्या कर देने के बाद से माहौल बेहद गंभीर नजर आ रहा है। इसी दौरान बुधवार की शाम स्थानीय विधायक महेंद्र पाल सिंह अपने समर्थकों के साथ मृतक के परिजनों से मिलने और सांत्वना देने उनके घर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें ग्रामीणों के विरोध का जमकर सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने "महेंद्र पाल वापस जाओ" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध किया और उनकी कोई बात सुनने से इनकार कर दिया। हालांकि विधायक ने लोगों को समझाने और उनके एवं सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने की बहुत कोशिश की, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे।
गोरखपुर में 15 और 16 सितंबर की रात 19 वर्षीय छात्र की गो-तस्करों द्वारा निर्ममता से हत्या कर लाश को गांव से 4 किलोमीटर दूर फेंक देने के बाद माहौल बेहद खराब चल रहा है। पिछले दो दिनों से लगातार प्रोटेस्ट जारी है। इसी बीच ग्रामीणों की पुलिस से कई बार झड़प भी हो चुकी है, पथराव में पुलिसकर्मी घायल भी हो चुके हैं। ऐसे में जो भी शख्स पिपराइच थाना क्षेत्र के मऊआचापी गांव में पहुंच रहा है, उसे ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच पिपराइच विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक महेंद्र पाल सिंह बुधवार की शाम मृतक दीपक गुप्ता के परिजनों से मिलने गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका जमकर विरोध किया, और उनके खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि आप यहां से वापस जाइए, यहां क्या करने आए हैं ?अब आपका यहां कोई काम नहीं। इस दौरान विधायक ने लोगों से बात करने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण बेहद खफा थे। वह उनकी कोई बात नहीं सुनना चाहते थे।
ग्रामीणों का साफ कहना था कि प्रशासन और पुलिस की लापरवाही का अंजाम है यह दिल दहला देने वाली घटना, हमें अब किसी नेता की आवश्यकता नहीं। इसी बीच मीडिया ने जब विधायक से सवाल पूछना शुरू किया तो विधायक मीडिया के सवालों पर भी घिरते दिखे और खुद को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान मीडिया की तरफ से लगातार सवाल पर सवाल पूछे जाते रहे और विधायक खुद बैकफुट पर जाते दिखे।
ग्रामीणों का कहना था कि जब हमें पुलिस की आवश्यकता थी तो पुलिस नहीं आई, जब नेता की जरूरत थी तो नेता नहीं आए, अब सभी राजनीति करने यहां आ रहे हैं। हमें किसी नेता की आवश्यकता नहीं, हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया जाए। गांव से महज चंद दूरी पर पुलिस चौकी है, लेकिन रात में कई फोन करने के बावजूद पुलिसकर्मी समय से नहीं पहुंच पाए। इसी कारण आरोपी भागने में सफल रहे और हमने हमारे प्रिय दीपक को खो दिया। पुलिस अगर मौके पर समय से पहुंची होती तो यह घटना नहीं होती। लेकिन सुबह आरोपियों में से एक को ग्रामीणों द्वारा पकड़ कर पिटाई की सूचना मिली तो पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और उसे अपने साथ लेकर चली गई।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
उद्धव ठाकरे के 'मास्टरस्ट्रोक' पर कांग्रेस का पलटवार: MLC की एक सीट के लिए आमने-सामने होंगे गठबंधन के साथी?
आम आदमी पार्टी में 'खास' बनाम 'आम' की जंग? नवीन जयहिंद बोले— राघव की भव्य शादी से नाराज हैं कार्यकर्ता
विपक्ष को लगा बड़ा झटका: कद्दावर नेता बच्चू कडू अब शिंदे के सिपाही, शिवसेना में आधिकारिक तौर पर हुए शामिल
Defence Research and Development Organisation ने विकास कार्य लगभग पूरा किया