मांओ को मिलना चाहिए दुनिया का हर सम्मान: कृष्णा श्रॉफ
मुंबई। छोटे परदे का रियलिटी शो ‘छोरियां चली गांव’ के एपिसोड में कृष्णा श्रॉफ को ऐसा टास्क मिला जिसने उन्हें और दर्शकों को गहराई से छू लिया। सभी प्रतिभागियों को इस टास्क में छोटे बच्चों की देखभाल करनी थी, यानी एक मां की जिम्मेदारियां निभानी थीं। कृष्णा को भी एक बच्चे की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने शुरुआत में पूरे उत्साह से अपनाया।
शुरुआत तो सहज रही, लेकिन जैसे ही बच्चा लगातार रोने लगा और उसे चुप कराना मुश्किल हुआ, कृष्णा खुद को असहाय महसूस करने लगीं। अंततः उन्होंने बच्चे को उसकी मां को लौटा दिया। यह अनुभव उनके लिए एक गहरी सीख साबित हुआ, जिसने उन्हें मातृत्व की असली चुनौतियों और जिम्मेदारियों का एहसास दिलाया। भावुक होते हुए कृष्णा ने कहा, “मेरे हिसाब से, माओं को सब कुछ मिलना चाहिए। उन्हें इस दुनिया का हर सम्मान, हर सराहना मिलनी चाहिए।” उनकी यह सच्ची प्रतिक्रिया दर्शकों को उनके एक ऐसे पहलू से परिचित कराती है, जो अब तक कम ही सामने आया था एक ऐसा पक्ष जो मातृत्व की कठिनाइयों से विनम्र और अभिभूत है।
हालांकि यह पल गंभीर था, लेकिन कृष्णा ने इसमें थोड़ा हास्य भी जोड़ा। उन्होंने हंसते हुए स्वीकार किया कि वह हमेशा से बच्चा चाहती थीं, मगर इस अनुभव ने उन्हें दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि अब उन्हें यकीन नहीं है कि वह इसके लिए तैयार हैं। उनकी ईमानदार और दिल से निकली बातों ने एपिसोड में भावनात्मक गहराई भर दी।

जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण