मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का डरावना आंकड़ा, हर रोज़ औसतन 380 दुर्घटनाएं
भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क हादसे को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। प्रदेश में 6 महीने में 69, 951 ज्यादा सड़क हादसे हुए, इन हादसों में 61 फीसदी से ज्यादा लोग 30 साल की उम्र से कम हैं यानी 40 हजार 441 लोग हैं। वहीं 108 एंबुलेंस से मिले आंकड़ों के अनुसार 35 से 40 फीसदी घटनाएं ओवर स्पीडिंग के कारण होती है।
30 साल से कम उम्र के सबसे ज्यादा लोग
सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों में सबसे ज्यादा 30 साल से कम उम्र के लोग हैं, इनकी संख्या 40 हजार 441 है। वहीं 31 से 45 साल के आयु वर्ग में 18 हजार 324 केस, 46 से 60 साल के आयु वर्ग में 6 हजार 788 केस हैं। 15 साल से कम आयु वर्ग में 2498 केस हैं।
ओवर स्पीडिंग के सबसे ज्यादा मामले
सड़क हादसों में सबसे बड़ी वजह वाहनों की ओवर स्पीडिंग है. लगभग 35 से 40 फीसदी मामले ओवर स्पीडिंग के हैं। इसके बाद लापरवाही से ड्राइविंग (20-25 फीसदी), ड्रिंक एंड ड्राइव (10 से 15 फीसदी), यातायात नियमों का उल्लंघन (10 से 12 प्रतिशत) और वाहनों की स्थिति (5 से 8 प्रतिशत) के मामले हैं।
इन वजहों से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं
4 मुख्य वजहों से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें सीट बेल्ट और हेलमेट की अनदेखी, तेज रफ्तार और ओवर स्पीडिंग, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल और ड्रिंक एंड ड्राइव शामिल हैं।

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