आज 7 जुलाई 2025 का पंचांग: वासुदेव द्वादशी पर करें शुभ कार्य, मिलेंगे मनचाहे परिणाम
हैदराबाद: आज 07 जुलाई, 2025 सोमवार, के दिन आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि है. भगवान विष्णु के द्वारा इस तिथि का नियंत्रण होता है. नई योजना बनाने और रणनीति विकसित करने, धन दान करने और उपवास करने के लिए अच्छा दिन माना जाता है. आज देवशयनी एकादशी का पारण है. आज वासुदेव द्वादशी है.
7 जुलाई का पंचांग
- विक्रम संवत 2081
- मास- आषाढ़
- पक्ष- शुक्ल पक्ष द्वादशी
- दिन- सोमवार
- तिथि- शुक्ल पक्ष द्वादशी
- योग- शुभ
- नक्षत्र- अनुराधा
- करण- बव
- चंद्र राशि- वृश्चिक
- सूर्य राशि- मिथुन
- सूर्योदय - सुबह 05:59 बजे
- सूर्यास्त- शाम 07:29 बजे
- चंद्रोदय- शाम 04.36 बजे
- चंद्रास्त- देर रात 02.50 बजे (8 जुलाई)
- राहुकाल- 07:40 से 09:21
- यमगंड- 11:03 से 12:44
यात्रा के लिए शुभ है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र वृश्चिक राशि में 3:20 से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह शनि और देवता मित्र देव हैं, जो 12 आदित्यों में से एक हैं. यह सौम्य स्वभाव का नक्षत्र है. ललित कलाओं को सीखने, दोस्ती करने, रोमांस करने, नए परिधान पहनने, विवाह, गायन और जुलूस आदि में शामिल होने के साथ कृषि कार्यों और यात्रा के लिए यह शुभ नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 07:40 से 09:21 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण