ट्रेनिंग के दौरान डमी बम 400 फिट ऊपर से जवान के सिर पर गिरा, मौत
ड्रोन से बम गिराने की ट्रैनिंग के दौरान हुआ हादसा
भोपाल। राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया थाना इलाके में स्थित सेना के फायरिंग रेंज में ड्रोन में अटैच बम को ट्रांसपोर्टेशन की ट्रैनिंग दिये जाने के दौरान हुए एक हादसे में जवान की मौत हो गई। सोमवार शाम को यहॉ सेना के जवान ड्रोन से बम गिराने की ट्रेनिंग ले रहे थे। ट्रेनिंग के दौरान लोहे का 4 किलो से अधिक वजन का डमी बम करीब 400 फिट की ऊचांई से एक जवान के सिर पर गिर गया जिससे जवान की मौके पर ही मौत हो गई। बम सीधे जवान के सिर पर गिरा, जिससे उसे घातक चोट आई थी। घायल जवान को फौरन ही सेना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक मूल रुप से उत्तराखंड के रहने वाले विजय सिंह पिता बेताल सिंह (37) भोपाल के बैरागढ़ में सेना कार्यालय में हवलदार के पद पर तैनात थे। और लालघाटी में स्थित रेजीमेंट के बैरक में ठहरे थे। बीती सुबह वह एक नियमित ट्रेनिंग के लिए फायरिंग रेंज पहुंचे थे।
यहां सेना के जवानों को ड्रोन से बम गिराने और उससे बचाव की तकनीक सिखाई जा रही थी। यहॉ सेना के अधिकारी ड्रोन से बम फेंकने की तकनीक के बारे में बता रहे थे। ट्रैनिंग के दौरान फायरिंग रेंज में ड्रोन में बम को लगाने फिर उसे उड़ाते हुए टारगेट तक पहुंचाने की तकनीक बताई जा रही थी। प्रैक्टिकल के लिये उड़ान भर रहे एक ड्रोन में लोहे का डमी बम रखा गया, जिसे एक निर्धारित स्थान पर गिराया जाना था। लेकिन अचानक ही भारी डमी बम को उठाकर हवा में उड़ा ड्रोन असंतुलित हो गया और हवलदार विजय सिंह के सिर पर आकर गिरा। गंभीर रुप से घायल जवान को इलाज के लिये बैरागढ़ स्थित आर्मी अस्पताल ले जाया गया। जहॉ काफी कोशिशो के बाद भी विजय सिंह की मौत हो गई। घटना की जानकारी सूबेदार मोहन सिंह से मिलने पर सूखी सेवनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्यवाही कर मर्ग कायम करते हुएशव का पीएम कराया गया है। सेना के कई अधिकारी भी जवान के पोस्ट मार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचे थे। हादसे में जहॉ मिलैट्री आपरेशन की तरफ से विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, वहीं पुलिस यह जानने में जुटी है, कि हादसा तकनीकी चूक के कारण हुआ या सुरक्षा इंतेजामो में बरती गई लापरवाही से हुआ है।

जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण