वैशाख पूर्णिमा पर है विशेष संयोग, इस मंत्र का कर लें जाप, सिद्ध हो जाएंगे सारे अधूरे पड़े काम!
महीने की एक तिथि ऐसी होती है जो बेहद शुभ और उत्तम मानी जाती है. वह है पूर्णिमा तिथि. पूर्णिमा की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. वैसे तो हर महीने पूर्णिमा आती है लेकिन वैशाख पूर्णिमा का महत्व विशेष होता है. इस तिथि को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था.
बुद्ध या वैशाख पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान कर लक्ष्मी नारायण की पूजा करना और सतनारायण की कथा सुनना अत्यंत शुभ माना गया है. ऐसा करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है. इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा के दिन एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है जो इस दिन को और भी खास बना देता है.
इस बार कब है वैशाख पूर्णिमा और क्या है विशेष संयोग
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि इस साल वैशाख पूर्णिमा का व्रत 12 मई को रखा जाएगा. इस बार के पूर्णिमा पर भद्रा का साया भी रहेगा. सामान्यतः भद्रा को अशुभ माना जाता है और उसमें पूजा-पाठ वर्जित होता है. लेकिन इस बार का भद्रा पाताल लोक में रहेगा इसलिए यह शुभ माना जा रहा है.
कोई भी नया कार्य शुरू करने का शुभ समय
ज्योतिषाचार्य के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन कोई भी नया कार्य शुरू करने के लिए यह सबसे शुभ दिन रहेगा. पूजा-पाठ पर किसी प्रकार की मनाही नहीं होगी.
स्वाती नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि और वरियान योग
इस दिन स्वाती नक्षत्र रहेगा. साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और वरियान योग भी बन रहा है. इन शुभ योगों के कारण इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है.
हरिहर की पूजा से मिल सकता है दोगुना फल
ज्योतिषाचार्य के अनुसार पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है लेकिन इस वर्ष यह तिथि सोमवार को पड़ रही है, जो भगवान शिव को समर्पित है. इसलिए इस बार के वैशाख पूर्णिमा पर हरिहर यानी विष्णु और शिव दोनों की पूजा अवश्य करनी चाहिए. इस दिन हरिहर मंत्र का 108 बार जाप करें. इससे दोगुना फल प्राप्त होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

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