मध्य प्रदेश में ट्रांसफर पर लगी रोक खत्म करने की तैयारी, नई नीति का ड्राफ्ट तैयार
मध्य प्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार 1 मई से ट्रांसफर पर लगे प्रतिबंध हटा सकती है और इसके साथ ही नई तबादला नीति भी लागू हो जाएगी। लंबे समय से अटकी इस नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और कैबिनेट से इसी महीने इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। नई तबादला नीति के तहत मई और जून का माह तबादलों के लिए निर्धारित किया जाएगा। राज्य सरकार ने जनवरी में कुछ शर्तों के साथ उच्च प्राथमिकता वाले कर्मचारियों को तबादले का अवसर दिया था, लेकिन इसके दायरे में बहुत कम कर्मचारी ही आ सकें। तब से ही कर्मचारी संगठनों द्वारा व्यापक तबादला प्रक्रिया की मांग की जा रही थी, जिस पर अब अमल होता दिख रहा है।
ट्रांसफर नीति के अनुसार मंत्रियों को उनके अधीन विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण का अधिकार सौंपा जा सकता है। जिले की सीमा के भीतर होने वाले ट्रांसफर संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री की स्वीकृति से किए जाएंगे। जब किसी कर्मचारी का स्थानांतरण एक जिले से दूसरे जिले में किया जाना हो, तो वह विभागीय मंत्री की अनुशंसा पर आधारित होगा। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी एक स्थान पर तीन वर्षों से अधिक समय से पदस्थ हैं, उनका ट्रांसफर सुनिश्चित किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें किसी अन्य जिले में भी भेजा जा सकता है। किसी भी विभाग में एक बार में कुल कर्मचारियों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे।
बता दें मध्य प्रदेश में तीन साल से ट्रांसफर पर बैन लगा हुआ है। इससे पहले ट्रांसफर पॉलिसी 2021-22 लागू की गई थी। अब सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति 2025 तैयार कर ली है, जिसे कैबिनेट की अनुमति के बाद लागू करने की तैयारी है।

यूपी हादसा: 4 बच्चे चढ़े टंकी पर, 3 गिरे; 2 का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप
भारत-इक्वाडोर संबंधों में नई मजबूती, दवा से डिजिटल तक समझौते
आज का बड़ा मुकाबला: PBKS vs GT, हेड टू हेड आंकड़े क्या कहते हैं