वक्फ संशोधन बिल हमारे समाज को स्थायी रूप से तोड़ने की बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का एक हिस्सा :सोनिया गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (सीपीपी) की बैठक में कहा कि लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल को केंद्र सरकार ने जबरन पारित करवाया है। यह विधेयक संविधान पर हमला है और हमारे समाज को स्थायी रूप से तोड़ने की बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का एक हिस्सा है।
इस अवसर पर सोनिया गांधी ने उपस्थित कांग्रेस सांसदों से कहा, कि मोदी सरकार देश को रसातल में ले जाने का काम कर रही है। वह संविधान पर हमला कर उसे ध्वस्त करना चाहती है। इस तरह से तो संविधान महज कागजों में रह जाएगा। वन नेशन-वन इलेक्शन बिल भी संविधान का उल्लंघन है, जिसका हम विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सांसद मोदी सरकार की भारत को निगरानी राज्य में बदलने की मंशा को उजागर करने का काम करें।
बहुचर्चित वक्फ संशोधन बिल सोमवार देर रात लोकसभा में पारित हो गया, जिससे भारतीय राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को इस बिल पर तीखा प्रहार करते हुए इसे समाज को बांटने वाला और संविधान को कमजोर करने वाला करार दिया। कांग्रेस संसदीय समिति को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और कहा, भाजपा ने इस बिल को लोकसभा में बुलडोजर से पारित किया है। सोनिया गांधी ने लोकसभा में बहस के दौरान विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका न मिलने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, यह बेहद चिंताजनक है कि विपक्षी सांसदों को अपनी बात कहने नहीं दी जाती। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। सोनिया गांधी ने भाजपा के प्रस्तावित एक देश, एक चुनाव कानून का भी विरोध किया। उन्होंने इसे संविधान की मूल आत्मा के खिलाफ बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी और इसे निरस्त करने की मांग करेगी।
नए संसद भवन पर टिप्पणी
सोनिया गांधी ने नए संसद भवन को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, अतीत में हम सहकर्मियों से मिल सकते थे, अन्य दलों के नेताओं से बातचीत कर सकते थे और मीडिया के साथ जुड़ सकते थे। लेकिन अब यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस रक्षा और विदेश मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा चाहती थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने चीन द्वारा भारत की सीमाओं पर पेश की जा रही चुनौतियों और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 19 जून 2020 को दिए गए बयान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, चीन से आयात में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे हमारे एमएसएमई उद्योग नष्ट हो रहे हैं। यह अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है।
यहां बताते चलें कि लोकसभा में बुधवार रात को वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। रात 2 बजे की गई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया, जिसमें 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले।

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