नागपुर में हिंसा: ट्रेन पकड़ने और दूध लेने गए लोग अस्पताल कैसे पहुंचे?
नागपुर हिंसा में कई घायल ऐसे हैं, जो घर के काम से बाहर निकले थे और अस्पताल पहुंच गए। इनके परिजन भी हैरान हैं कि ऐसा क्या हुआ कि ये लोग घायल हुए और अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। नागपुर के बड़े नवाज नगर का निवासी इरफान अंसानी भी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर है। इरफान के भाई ने बताया कि वह सोमवार की रात करीब 11 बजे घर से निकला था और उसे रात एक बजे नागपुर रेलवे स्टेशन से इटारसी के लिए ट्रेन पकड़नी थी।
परिजनों को अस्पताल से आया फोन
इरफान के परिवार को रात इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से फोन आया, जिसमें उन्हें इरफान के घायल होने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी गई। इरफान के सिर में गंभीर चोटें हैं और उसका पैर भी टूटा हुआ है। फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती है। गौरतलब है कि सोमवार रात को नागपुर में हिंसा भड़क उठी, जब विश्व हिंदू परिषद ने औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक धर्म विशेष के पवित्र ग्रंथ को जलाए जाने की अफवाह उड़ी, जिससे हिंसा भड़क गई। नागपुर में सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे महाल इलाके में हिंसा भड़की, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया और वाहनों में आग लगाई गई।
पुलिस कर रही घटनाओं की जांच
एक ऐसा ही मामला 17 साल के रजा यूनुस खान का है। 12वीं पढ़ने वाला रजा यूनुस खान एक निजी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर है। रजा यूनुस खान की मां ने बताया कि वह सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे दूध और दही लेने गया था। रात साढ़े 11 बजे उन्हें अस्पताल से फोन आया, जिसमें उसके घायल होने और वेंटिलेटर पर होने की जानकारी दी गई। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

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