नवरात्रि के 9 दिन घर के मेन गेट पर जलाएं ऐसा दीपक, प्रसन्न हो मां दुर्गा दूर कर देंगी कष्ट
चैत्र नवरात्र इस साल 30 मार्च, 2025 से शुरू हो रहे हैं. इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है. इसलिए ये 9 दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित हैं. कहा जाता है कि इन दिनों मां स्वयं पृथ्वी लोक पर आ कर अपने भक्तों के कष्ट हरती हैं. ऐसे में मां के नौ स्वरूपों का बहुत ही विशेष रूप से पूजन किया जाता है. नवरात्रि के पहले ही दिन से मां की चौकी सजाई जाती है. हवन-कीर्तन किया जाता है तो वहीं कुछ भक्त नौ दिनों के लिए अखंड जोत भी प्रज्वलित करते हैं. दरअसल हमारे शास्त्रों में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है. खासतौर से आटे से बने हुए दीपक को बहुत ही शुभ माना गया है. कहते हैं कि आटे का दीपक जलाने से घर में सुख शांति और समृद्धि का आगमन होता है. तो चलिए जानते हैं आटा का दीपक बनाने और लगाने का सही तरीका.
पूजा के लिए ऐसे बनाएं आटा का दीया
नवरात्रि के लिए आटे का दीया बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इसमें सबसे पहले आटे को गंगाजल मिले हुए पानी से गूंथ लें. आटा न ज्यादा मुलायम रखें ना ही बहुत सख्त. जब बिना हाथों में चिपके इसकी लोई आराम से बन जाए तब ये आटा बिल्कुल ठीक है. आटे में आप थोड़ी सी हल्दी भी मिला लें, ताकि आटे का रंग सफेद न लगे.
चैत्र नवरात्र इस साल 30 मार्च, 2025 से शुरू हो रहे हैं. इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है. इसलिए ये 9 दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित हैं. कहा जाता है कि इन दिनों मां स्वयं पृथ्वी लोक पर आ कर अपने भक्तों के कष्ट हरती हैं. ऐसे में मां के नौ स्वरूपों का बहुत ही विशेष रूप से पूजन किया जाता है. नवरात्रि के पहले ही दिन से मां की चौकी सजाई जाती है. हवन-कीर्तन किया जाता है तो वहीं कुछ भक्त नौ दिनों के लिए अखंड जोत भी प्रज्वलित करते हैं. दरअसल हमारे शास्त्रों में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है. खासतौर से आटे से बने हुए दीपक को बहुत ही शुभ माना गया है. कहते हैं कि आटे का दीपक जलाने से घर में सुख शांति और समृद्धि का आगमन होता है. तो चलिए जानते हैं आटा का दीपक बनाने और लगाने का सही तरीका.
पूजा के लिए ऐसे बनाएं आटा का दीया
नवरात्रि के लिए आटे का दीया बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इसमें सबसे पहले आटे को गंगाजल मिले हुए पानी से गूंथ लें. आटा न ज्यादा मुलायम रखें ना ही बहुत सख्त. जब बिना हाथों में चिपके इसकी लोई आराम से बन जाए तब ये आटा बिल्कुल ठीक है. आटे में आप थोड़ी सी हल्दी भी मिला लें, ताकि आटे का रंग सफेद न लगे.

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