महाकुंभ की व्यवस्था से गदगद हुईं सुधा मूर्ति, 3 दिनों तक करेंगी स्नान
प्रयागराज। राज्यसभा सांसद और समाजसेवी सुधा मूर्ति ने महाकुंभ मेले में भाग लिया और संगम में स्नान किया। वह यहां तीन दिन संगम में स्नान करेंगी और अपने पूर्वजों को तर्पण देंगी। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ में की गई व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की।
इंफोसिस फाउंडर नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने कहा, मैंने तीन दिनों का संकल्प लिया था। कल मैंने पवित्र स्नान किया। आज भी करूंगी और कल भी करूंगी। अपने परिवार की धार्मिक परंपराओं के बारे में बात करते हुए मूर्ति ने कहा, मेरे नाना-नानी और दादा-दादी यहां नहीं आ पाए, इसलिए मैंने उनके नाम पर तर्पण करना जरूरी समझा। ऐसा करके मुझे बहुत खुशी है। सुधा मूर्ति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस विशाल आयोजन के आयोजन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, योगी जी के नेतृत्व में यहां जितना अच्छा काम किया गया है, वह सराहनीय है। मैं उनके दीर्घायु होने की कामना करती हूं। उन्होंने यहां लोगों के लिए मुफ्त में कई व्यवस्थाएं की हैं।
महाकुंभ को एक अत्यंत आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए सुधा मूर्ति ने इसे जीवन में एक बार होने वाले अवसर के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा, यह तीर्थराज सर्वोत्तम पवित्र स्थल है। महाकुंभ 144 वर्षों के बाद आया है और मैं यहां आकर बहुत उत्साहित और खुश हूं। 13 जनवरी से शुरू हुए इस आयोजन में अब तक लाखों श्रद्धालु हिस्सा ले चुके हैं। 20 जनवरी तक करीब 8.79 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। इस बड़े आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। 10,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी, जिसमें पैरामिलिट्री बल भी शामिल हैं, उपस्थित हैं।

जबलपुर में हाई अलर्ट, सीएम दौरे को लेकर प्रशासन तैयार
गर्मी में आंखों में जलन क्यों बढ़ती है? जानें कारण और बचाव
Tejashwi Yadav बोले- बिहार का नाम बदल दे भाजपा
होर्मुज बंद, समुद्री व्यापार प्रभावित, अब जमीन से हो रही आपूर्ति
बिलासपुर में ED की बड़ी रेड, नकदी के ढेर देख अधिकारी भी हैरान
अनुराग ठाकुर-प्रवेश वर्मा को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने FIR अपील खारिज की
बीजेपी का पंजाब फोकस बढ़ा, AAP को घेरने की रणनीति तेज
GT vs RCB: भुवनेश्वर बोले—“रिकॉर्ड नहीं, जीत मायने रखती है”
मोटापा सिर्फ वजन नहीं, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को झटका? दल-बदल की अटकलें तेज