पूर्व एयर होस्टेस ने माना, हर 30 मिनट में यात्रियों की ताका-झांकी करने का आदेश
न्यूयार्क। एक पूर्व एयर होस्टेस ने बताया कि फ्लाइट के दौरान यात्रियों पर नजर रखना उनके काम का हिस्सा होता था। पूर्व एयर होस्टेस एक अरब एयरलाइन में काम करती थीं। उसने बताया कि एयरलाइन की अपनी कुछ नीतियों के कारण उन्हें फ्लाइट के दौरान पैसेंजर खासकर फर्स्ट क्लास के यात्रियों पर विशेष नजर रखनी पड़ती थी। पूर्व एयर होस्टेस मारिका मिकुसोवा ने बताया कि पांच साल तक उन्होंने अरब एयरलाइन में काम किया। तभी उन्हें और उनके सहकर्मियों को हर 30 मिनट में यात्रियों की ताका-झांकी के लिए बोला जाता था, ताकि यह सुनिश्चित कर सके कि वे सुरक्षित हैं। इस वजह से किसी न किसी बहाने से केबिन में जाकर हर आधे घंटे पर हमें यात्रियों से बात करनी होती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ताक-झांक का ये काम केवल प्रथम श्रेणी के सुइट्स पर लागू होता है, क्योंकि वहां के क्यूबिकल्स करीब पूरी तरह निजी होते हैं। बिजनेस क्लास की सीटें खुली होती हैं, इसलिए वहां ऐसी प्राइवेसी में बाधा डालने वाले काम की जरूरत नहीं होती। एयर होस्टेस ने बताया कि क्रू को यह निर्देश होता है कि वे पूरे समय सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि केबिन में क्या हो रहा है। उड़ान के दौरान यात्रियों पर तब से नजर रखी जानी शुरू होती है, जब वे विमान में सवार होते हैं। ये सबकुछ तब तक चलता है, जब तक वे विमान से उतर नहीं जाते। मारिका ने इस दौरान बताया कि एक बार एक फ्लाइट के फर्स्ट क्लास में एक कपल गैलरी के पास अनुचित व्यवहार कर रहा था। हम उन पर दूर से नजर रखे हुए थे और यह सुनिश्चित कर रहे थे कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए। जब उनका व्यवहार और अधिक असहज हो गया, तब हमें जाकर हस्तक्षेप करना पड़ा। पूर्व एयर होस्टोस ने कहा कि फ्लाइट में अनुचित व्यवहार पर खासतौर पर अरब एयरलाइनों में सख्त नजर रखी जाती है, और पकड़े जाने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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